2 साल के अंदर 3 पुल हा’दसे… क्यों इतनी सस्ती है लोगों की जान? कौन जिम्मेदार?

NEW DELHI: मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसटी) रेलवे स्टेशन पर फुटओवर गिरने से बड़ा हा’दसा हुआ है। इस हादसे में दो महिलाओं समेत 4 लोगों की मौ’त हो गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 23 लोगों के घा’यल होने की खबर है।

यह हा’दसा पुल पर भगदड़ मचने से हुआ। मौके पर राहत बचाव का काम जारी है। घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। बता दें कि मुंबई में फुटओवर ब्रिज गिरने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2018 और 2017 में भी ऐसे ही हा’दसे हो चुके हैं। इन हा’दसों से एक सवाल उठाता है कि डेढ़ साल में तीन पुल हादसे, क्यों इतनी सस्ती है मुंबईकरों की जान? वहीं सवाल ये भी उठता है कि  इसके लिए कौन  जिम्मेदार है।

14 मार्च की शाम करीब साढ़े सात बजे सीएसटी के बाहर एक फुटओवर ब्रिज गिर गया। यह हा’दसा शाम के वक्त हुआ जब लोग अपने दफ्तर से घर की ओर जा रहे थे। यह ब्रिज सड़क से करीब 30 फीट ऊपर था, जिसका एक हिस्सा जमीन पर आ गया। इस हादसे के बाद बीएमएसी और रेलवे इस पुल को एक-दूसरे का बताकर पल्ला झाड़ने में लग गए।

3 जुलाई 2018 को मुंबई के अंधेरी में भी फुटओवर ब्रिज गिरने से ऐसा हुआ था। इस हादसे में 6 लोग घा’यल हो गए थे। तब ये गनीमत रही थी कि इस हादसे में किसी मौ’त नहीं हुई था। बीएमसी और रेलवे ने इस हा’दसे के लिए एक दूसरे पर आरोप मढ़े थे।

वहीं, 29 सितंबर 2017 को भी मुंबई में एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर पुल गिरने से हा’दसा हुआ था। भगदड़ मचने से हुए हादसे में 23 लोगों की मौ’त हो गई थी जबकि 23 से ज्यादा लोग घा’यल हो गए थे।

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