इंदिरा इज बैक: वही शक्ल, वही तेवर.. प्रियंका की आंधी के आगे रुक सी गई भाजपा की लहर

NEW DELHI: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रियंका गांधी वाड्रा को सक्रिय राजनीति में उतारकर बड़ा कदम उठाया है। एक तरफ जहां इसे कांग्रेस का ब्राह्मास्त्र कहा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रियंका की एंट्री को कांग्रेस का आखिरी तीर भी बताया जा रहा है। इस बीच प्रियंका के आगमन के बहाने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लेकर तमाम विश्लेषक एक बार फिर उनकी दादी इंदिरा गांधी को याद करने लगे हैं। पार्टी की तरफ से भी इस भावना को औपचारिक तौर पर प्रदर्शित किया गया है।

कांग्रेस महासचिव बनने के बाद पहली बार राजनीतिक यात्रा पर लखनऊ पहुंचीं प्रियंका गांधी वाड्रा के रोड शो के लिए जो गाड़ी सजाई गई, उसमें भी कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इसकी झलक पेश की। गाड़ी पर कांग्रेस नेताओं का जो पोस्टर लगाया गया, उसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, उनकी मां व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर व पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया की तस्वीरें हैं।

गाड़ी पर लगे इस पोस्टर में जहां पांचों नेताओं की फोटो एक साथ लगाकर बदलाव की आंधी, राहुल संग प्रियंका गांधी का नारा लिखा गया। वहीं, प्रियंका को एक बड़ी तस्वीर में भी दिखाया गया। इस तस्वीर की खास बात ये है कि प्रियंका गांधी की फोटो के बैकग्राउंड में उनकी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भी तस्वीर लगाई गई। ब्लैक एंड व्हाइट टोन के साथ लगाई गई इस तस्वीर में इंदिरा गांधी मुस्कुरा रही हैं।

इस फोटो के जरिए कांग्रेस ने पॉलिटिक्स में प्रियंका के करीयर के आगाज के साथ ही उनकी इंदिरा गांधी जैसी छवि को भी औपचारिक तौर पर पेश कर दिया है। नेताओं व कार्यकर्ताओं में भी इसे लेकर काफी जोश देखने को मिल रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने आजतक से बातचीत में बताया कि प्रियंका बहुत ही विनम्र, दयालु और उदार व्यक्तित्व वाली महिला हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता समझते हैं कि प्रियंका गांधी इंदिरा गांधी जैसी हैं।

हालांकि, यह सवाल या चर्चा कोई नई नहीं है। जब भी प्रियंका का जिक्र सार्वजनिक तौर पर होता है, तो उनके अंदर इंदिरा गांधी की छवि होने की बात कही जाती है। कई साल पहले एक इंटरव्यू में खुद प्रियंका गांधी ने इस सवाल पर जवाब भी दिया था। उन्होंने बताया था कि जब मैं पहली बार चुनावी कैंपेन के लिए पहुंची तो कहा गया कि मैं अपनी दादी की तरह हूं और मुझे राजनीति में आना चाहिए। इसके आगे उन्होंने कहा था कि इसमें कोई शक नहीं है कि मैं जिस घर में रही वहां इंदिरा जी जैसी ताकतवर महिला थीं और उनके व्यक्तित्व का असर भी मुझ पर पड़ा।

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