सिर्फ 10 मिनट और मेट्रो अस्पताल हो गया धुंआ-धुंआ, चीखते मरीजों को छोड़कर भागे डॉक्टर

NEW DELHI: नोएडा के मशहूर मेट्रो अस्पताल में गुरुवार को आग लग गई। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई। शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते पूरे अस्पताल को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 10 मिनट में ही अस्पताल की ऊपर की मंजिलों में धुंआ-धुंआ दिखाई देने लगा। ऐसे माहौल में कुछ मरीज तो जल्दी से नीचे उतर आए, लेकिन करीब तीन दर्जन ऐसे मरीज फंस गए, जो या तो ऑक्सीजन के सहारे थे या फिर चलने-फिरने में असमर्थ थे।

बताया जा रहा है कि जिस समय आग लगी, उस वक्त कुछ मरीजों का ऑपरेशन चल रहा था। चश्मदीदों के मुताबिक अस्पताल की ऊपर की मंजिलों में फंसे मरीजों और उनके तिमारदारों को छोड़कर अस्पताल का स्टाफ खुद भाग खड़ा हुआ। मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर और नर्स भी गंभीर हालत में मरीजों को छोड़कर नीचे उतर आए। इस दौरान गंभीर हालत में इलाज करा रहे कई मरीजों और उनके तिमारदारों को मदद के लिए चीख पुकार करते देखा गया। जैसे- जैसे आग ने तेजी पकड़ी और इमारत के भीतर धुंआ बढ़ने लगा तो लोगों की चीखें सुनी गईं।

ऐसे हालात में आग से ज्यादा लोगों की दम घुटने से मौत होने की आशंका होती है। लेकिन उससे निपटने के लिए अस्पताल में इंतजाम नाकाफी दिखे। मरीजों की जान से खिलवाड़ का यह मामला हैरान करने वाला है। इस हादसे ने अस्पताल के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नोएडा के सेक्टर-11 स्थित मेट्रो अस्पताल को मशहूर ह्रदय रोग विशेषज्ञ और पद्म विभूषण जैसे सम्मान से नवाजे गए डॉ। पुरुषोत्तम लाल चलाते हैं।

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