प्रियंका की रैली उमड़ा जन सैलाब: लोग बोले-भाजपा याद रखें, वह इंदिरा की पोती है,राजीव की बेटी है

NEW DELHI: हिंदुस्तान के तीन-तीन प्रधानमंत्री उनके घर से हैं। वह इंदिरा गांधी की पोती हैं। वह राजीव की बेटी हैं। वह मिलनसार हैं। वह होशियार हैं। वह मिनलसार हैं। वह कांग्रेस की पोस्टर गर्ल हैं। वह अपनी मुस्कान से दिल जीत लेती हैं।।वह अजनबी आवास से भी रिश्ता बना लेती हैं। वह अमेठी आती हैं लोग उन्हें छू-छूकर देखते हैं। कांग्रेस उसे सियासत में लाने के लिए सालों से विनती कर रही थी, आखिरकार वह मैदान में आ ही गईं। ऐसा ही कुछ उत्तर प्रदेश के हर कार्यकर्ता के दिल में चल रहा है। कांग्रेस के नेता हसीब कहते हैं, ‘प्रियंका गांधी जी के आने से मेरी मेहनत का परिणाम तो मिला ही है। श्री राहुल गांधी जी ने अपनी राखी का उपहार श्रीमती प्रियंका को सक्रिय राजनीती में सौंपने का काम किया है।

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक माने जाने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा, लखनऊ में रोड शो कर रही हैं। प्रियंका के साथ उनके भाई और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद हैं। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। ऐसे में इस मेगा शो के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की तैयारी है।

उससे कार्यकर्ताओं में उत्साह है और एक ऊर्जा भी।’ कांग्रेस के पोस्टर गर्ल के पोस्टर बनाने वाले ऐसे ही एक नेता गोरखपुर के अनवर ने उन्हें फिल्म मणिकर्णिका की तरह पोस्टर में दिखाया है जिसमें वह झांसी की रानी की तरह दिखती हैं। फिर उनका दुर्गा अवतार भी सामने आया।


प्रियंका गांधी वाड्रा की खास बात यह हैकि वह गरीब से गरीब से लोगों से फौरन रिश्ता जोड़ लेती हैं। एक चुनाव में कुछ नाराज औरतों ने कहा कि इतने दिन कहां थी, पिछले चुनाव के बाद अब आई हो।।तो प्रियंका ने हंस के जवाब दिया, ‘इस बार तुम्हारे नाती को भी लेकर आए हैं।’ प्रियंका के इस जवाब से महिलाएं खुश हो गई हैं क्योंकि उन्होंने अपने बेटे को उनका नाती बताया था। प्रियंका गांधी की एक खास बात यह है कि वह सजह रहती हैं और एक बार वह अमेठी में बच्चों को घुमाने रिक्शा से ही निकल पड़ी। एक बार उन्होंने बकरी चलाने वाले बच्चों के साथ खेलने के लिए अपने बच्चों को भेज दिया। लेकिन सबके बीच सवाल यही है कि दिल जीतने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा क्या कांग्रेस को चुनाव जीत पाएंगी।

कांग्रेस की विधायक आराधना मिश्रा को इस बात का पक्का विश्वास है। गौरतलब है कि कांग्रेस 39 सालों से सत्ता में नही है। यूपी में 1984 में लोकसभा की सिर्फ 2 सीटें हारने वाली कांग्रेस साल 2014 में सिर्फ दो ही सीटें जीत पाई थी। इस चुनाव में अवध क्षेत्र में 17.44 फीसदी, बुंदेलखंड में 6.61फीसदी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6.58 फीसदी और दोआब में 4.31 फीसदी, रुहेलखंड में 4.10 फीसदी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5.75 फीसदी वोट मिले थे। कांग्रेस से सामने बड़ी चुनौती यह है कि बीजेपी ने समाज का ध्रुवीकरण कर दिया है। वहीं एक नए सपा और बीएसपी गठबंधन में दलित-मुस्लिम-पिछड़े हैं। ऐसे में देखने वाली बात यह है कि प्रियंका गांधी इन दोनों की लड़ाई में कांग्रेस की नैया कैसे पार कराती हैं।

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